मिठाई ही नहीं, ये आदतें भी बना सकती हैं मरीज

डायबिटीज का खतरा केवल मिठाई से नहीं, बल्कि खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता से भी बढ़ता है। विशेषज्ञों ने बचाव के लिए संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम पर जोर दिया है।

शुगर यानी डायबिटीज आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं और कामकाजी लोगों में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में करोड़ों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं और आने वाले वर्षों में मरीजों की संख्या में और बड़ा इजाफा होने की आशंका है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर डायबिटीज किन कारणों से होती है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) के अनुसार, दुनिया में करीब 589 मिलियन (58.9 करोड़) वयस्क डायबिटीज से प्रभावित हैं। अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह संख्या बढ़कर 853 मिलियन (85.3 करोड़) के पार पहुंच सकती है। चिंता की बात यह भी है कि बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद अपनी स्थिति से अनजान रहते हैं, जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता और गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।

क्या केवल चीनी खाने से होती है डायबिटीज?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि सिर्फ चीनी या मिठाई खाने से डायबिटीज हो जाती है। वास्तव में डायबिटीज एक मेटाबॉलिक बीमारी है, जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या फिर इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता। इसके कारण रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है।

हालांकि, जरूरत से ज्यादा चीनी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। बढ़ता वजन और मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा देते हैं, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। यानी चीनी अप्रत्यक्ष रूप से जोखिम बढ़ा सकती है, लेकिन यह बीमारी का एकमात्र कारण नहीं है।

लाइफस्टाइल भी निभाती है अहम भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, असंतुलित भोजन, मोटापा, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना भी डायबिटीज के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन भी ब्लड शुगर को प्रभावित करता है।

किन खाद्य पदार्थों से बढ़ सकता है खतरा?

डॉक्टरों का कहना है कि केवल मिठाइयों से ही नहीं, बल्कि सफेद ब्रेड, मैदा, केक, बिस्कुट, पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक, तले हुए खाद्य पदार्थ और अत्यधिक प्रोसेस्ड स्नैक्स का बार-बार सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है। इनमें मौजूद अतिरिक्त चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अस्वास्थ्यकर फैट शरीर के वजन और ब्लड शुगर दोनों पर नकारात्मक असर डालते हैं।

तनाव और कम नींद भी बन सकते हैं वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार तनाव और पर्याप्त नींद न लेने से शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है। इससे कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा तनाव के दौरान लोग अक्सर अनहेल्दी फूड ज्यादा खाते हैं और शारीरिक गतिविधि कम कर देते हैं, जिससे डायबिटीज का खतरा और बढ़ जाता है।

पेट की चर्बी बढ़ना भी है चेतावनी

डॉक्टरों के मुताबिक, पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी टाइप-2 डायबिटीज का बड़ा जोखिम कारक है। मोटापे के कारण शरीर में सूजन बढ़ती है और इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता। ऐसे में नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।

डायबिटीज से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मीठे पेय, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, ट्रांस फैट और धूम्रपान-शराब से दूरी बनाए रखें। रोजाना शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं, संतुलित भोजन करें, पर्याप्त पानी पिएं और कम से कम 150 मिनट प्रति सप्ताह मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम करें। साथ ही 7-8 घंटे की अच्छी नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी डायबिटीज के खतरे को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

(साभार)